येलो हॉस्पिटल का कांसेप्ट समाप्त, सभी अस्पतालों में इलाज हो सकेगा


उज्जैन। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर शशांक मिश्र ने आदेश जारी कर  उज्जैन  शहर में  येलो  हॉस्पिटल के  लिए  पूर्व में जारी किए गए आदेश निरस्त  कर दिए  है।  अब उज्जैन  शहर एवम  जिले  के सभी  निजी  एवम  शाशकीय  अस्पतालों में सभी तरीके के  मरीजों का इलाज किया जा सकेगा ।


कलेक्टर ने आदेश जारी  किये  हैं कि कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र से आया हो अस्पताल उसके इलाज के लिए इंकार नहीं कर  सकेंगे । सभी हॉस्पिटल प्रवेश द्वार पर चेकिंग करके सर्दी खांसी के मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगे ।इसके लिए  पृथक से   मिनी  ओपीडी स्थापित की जाएगी । जांच उपरांत   डॉक्टर्स यह  निर्णय  लेंगे  कि सर्दी खांसी से पीड़ित व्यक्ति कहीं  कोरोनो  वायरस  का  संदिग्ध  तो नहीं है । यदि  मरीज  संदिग्ध  अवस्था में  पाया जाता  है  तो उन्हें रेड हॉस्पिटल (माधव नगर एवं  आर डी  गार्डी  हॉस्पिटल )में में भेजा जाएगा .सभी निजी चिकित्सालय में को इस आशय के निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वह अपने यहां आने वाले मरीजों का यथोचित उपचार करेंगे किसी भी मरीज का उपचार करने से इनकार नहीं करेंगे यदि इस तरह की कोई शिकायत आती है तो उन पर आवश्यक सेवा संधारण एवं  विच्छिनता  कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी ।कलेक्टर ने बताया है कि राज्य शासन द्वारा कोविड-19 मरीजों के उपचार के संबंध में जारी किए गए प्रोटोकॉल के नियमानुसार सभी अस्पताल  को  अपने यहां   मास्क पहनना ,सैनिटाइजर का उपयोग करना तथा सोशल डिस्टेंशन के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।