कलेक्टर साहब एक नजर, चाइना डोर माफियाओं पर भी इनायत हो जाये


उज्जैन। शहर के गली मोहल्लों में बच्चे चायना डोर से पतंग उड़ा रहें हैं, वहीं जिला प्रशासन ने अभी तक चाइना डोर की बिक्री तथा स्टोरेज पर पाबंदी के आदेश जारी नहीं किए हैं। परिणाम स्वरूप चाइना डोर किसी इंसान या फिर पशु पक्षी के लिए किसी भी समय घातक साबित हो सकती है।


उज्जैन संचार वेब पोर्टल ने अपने 3 दिसम्बर के अंक में भी कही चायना काट ना दे आपके जीवन की डोर .... प्रशासन सिर्फ छापेमारी का मचाये ना शोर शीर्षक से खबर प्रकाशित कर सचेत किया था। बावजूद अब तक चायना डोर पर पाबंदी नही लगाई गई है। 


दुकानदारों द्वारा गुपचुप तरीके से चायना डोर की बिक्री की जा रही है। मकर संक्रांति के त्यौहार को लेकर इस समय शहर में डोर बेचने वाले दुकानदार पूरी तरह से सक्रिय हो चुकें हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चाइना डोर की ब्लैक भी जमकर की जा रही है। क्योंकि चाइना डोर पर कांच व तीखा धातु लगा होता है, जिसके चलते वह डोर आसानी से नही टूटती। ऐसे में पतंगबाजी करते बच्चों का पतंग न कटें, इसलिए बच्चे जबकि युवा भी पतंगबाजी में चाइना डोर को ही पहल देते हैं।


धारा 144 लागू पर कार्रवाई नहीं 


वहीं नाइलोन और सिंथेटिक धागे के कारण इंसान, पशु पक्षियों व धरती के वातावरण को नुक्सान होता है। जिसके चलते राज्य सरकार ने इस डोर के निर्माण, सप्लाई, ब्रिकी, स्टोर करने और इसके साथ पतंग उड़ाने पर पाबंदी के आदेश लगा रखें हैं। धारा 144 शहर में लगी हुई है, लेकिन इन दिनों यह आदेश कागजों तक ही सीमित हैं, क्योंकि प्रशासन ने इस ओर अभी तक कोई संज्ञान नही लिया है।


नवंबर से बिक रही है चाइना डोर


एक दुकानदार ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि शहर में बीते नवंबर माह दीपावली बाद से दुकानदारों ने चाइना डोर की स्टोरेज करनी शुरू कर दी थी। वहीं चाइना डोर से पतंग उड़ाने के शौकीन लोगों ने दुकानदारों के पहले ही पैसे देकर डोर के बंडल बुक करवा रखे थे। जिसके चलते अब तक लाखों रुपये के हिसाब से शहर में चाइना डोर की ब्रिकी हो चुकी है। और अब मकर संक्रांति का त्यौहार पास आता देख दुकानदारों द्वारा चाइना डोर की ब्लैक भी शुरू कर दी गई है।


नुकसान का आभास नहीं


पतंगबाजी का अधिक लुत्प उठाने के लिहाज से बच्चों द्वारा यह डोर तो खरीद ली जाती है, लेकिन इससे होने वाले नुकसान का उनको जरा भी आभास नहीं है। यदि जिम्मेदारों द्वारा इस ओर समय रहते ध्यान नहीं  दिया गया तो शहर में चायना डोर से किसी दिन भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। 


जरूरत है इस कवायद को आगे बढ़ाने की


जरूरत है अपने सिरे से इस कवायद को आगे बढ़ाने की, जिससे कि हमारे साथ हमारे अपने, सभी लोग, पशु तथा परिंदे भी सुरक्षित रह सकें। चायना डोर को प्रतिबंध करने सामाजिक संगठनों और स्कूल-कॉलेजो में बच्चों को जागरूक करने के प्रयास करने चाहिए है। पर, प्रयास पुख्ता होने चाहिए.... समूचे देश भर में होने चाहिए क्योंकि महज शौक की वजह से कोई अपनों से न दूर हो।


इनका कहना


चायना डोर पर धारा 144 लागू है,  जिस क्षेत्र में भी चायना डोर की बिक्री हो रही है ग्राहक खुद जागरूकता दिखा कर संबंधित थाने में शिकायत करे कार्रवाई जरूर की जाएगी।


शशांक मिश्रा 
कलेक्टर, उज्जैन


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