नियमित टीकाकरण के सत्यापन हेतु कॉल सेन्टर बनाने के निर्देश



उज्जैन। कलेक्टर आशीष सिंह ने सोमवार 8 जून को बृहस्पति भवन में टीकाकरण की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिला टीकाकरण अधिकारी को निर्देश दिये कि टीकाकरण के सत्यापन हेतु कॉल सेन्टर बनाया जाये। टीकाकरण की समय-समय पर मॉनीटरिंग अनिवार्य रूप से की जाये। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। बैठक में जिले के समस्त ब्लॉक मेडिकल आफिसरों को निर्देश दिये गये कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के यथासंभव प्रयास किये जायें। कलेक्टर ने कहा कि टीकाकरण लम्बे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिये इस कार्य में ढिलाई न बरती जाये।



कलेक्टर ने सभी ब्लॉक मेडिकल आफिसरों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत टीकाकरण की मॉनीटरिंग समय-समय पर सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि फीवर क्लिनिक में कोरोना वायरस संक्रमण की पूर्व से पहचान करने के लिये सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की अनिवार्य रूप से जांच की जाये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फीवर क्लिनिक का संचालन प्रोटोकाल अनुसार किया जाये। फीवर क्लिनिक में वेटिंग रूम, परीक्षण कक्ष, बाहर जाने और अन्दर आने के लिये अलग-अलग व्यवस्था की जाये। इनमें फीवर क्लिनिक में डॉक्टर व स्टाफ द्वारा एन-95 ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क, फेसशिल्ड, हैंड ग्लब्ज का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाये। प्रत्येक मरीज के प्रवेश पर उसका थर्मल गन से बुखार चेक किया जाये। इस दौरान मरीज के साथ केवल एक व्यक्ति ही रहे। एक समय में वेटिंग रूम में मास्क लगाकर चार से अधिक मरीज अथवा व्यक्ति न रहे, इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाये। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से किया जाये। फीवर क्लिनिक के लिये अलग से ओपीडी होना चाहिये।



बैठक में अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित अस्थाना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.महावीर खंडेलवाल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.केसी परमार तथा सभी ब्लॉक मेडिकल आफिसर उपस्थित थे।