12 घंटे में कोरोना से फिर गई 5 कि जान


उज्जैन। कोरोना महामारी शहर में अब विकराल रूप लेने लगी है। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन कोरोना संक्रमितो का इलाज ठीक ढंग से किए जाने के बड़े-बड़े दावे तो कर रहे है लेकिन इन दावों की पोल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए जाने वाली कोरोना बुलेटिन ही खोल रही है। कल शाम डॉक्टर अनुसूया गवली सिन्हा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उज्जैन के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में मृतकों की संख्या कुल 35 बताई गई थी जो कि आज सुबह जारी की गई कोरोना बुलेटिन में बढ़कर 40 हो चुकी है।


बुलेटिन जारी होने के बाद से ही शहर भर में मृतकों को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है, परन्तु स्वास्थ्य विभाग मृतकों के बारे में कोई भी जानकारी देने से बचता नजर आ रहा है। वैसे तो राज्य सरकार उज्जैन में कोरोना संक्रमितो का ठीक से इलाज किया जाए, इसिलिए आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज से प्रतिमाह लगभग 4 करोड रुपए की राशि चुकाने का अनुबंध भी कर चुकी है लेकिन इस अनुबंध के बाद भी लगातार कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली मौत इस ओर इशारा करती है कि कोरोना संक्रमितो के इलाज के नाम पर कुछ तो लापरवाही बरती जा रही है। जिससे कि इलाज के अभाव में कोरोना के मरीज लगातार दम तोड़ते जा रहे है। प्रशासन ही नहीं बल्कि राज्य सरकार को भी इस और फिर से ध्यान देना चाहिए जिससे कि किसी भी बेकसूर को कोरोना के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े। वैसे नवागत कलेक्टर श्री आशीष सिंह आज सुबह जॉइनिंग के बाद तुरंत एक्शन मोड मैं आए और उन्होंने अधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अपने अधीनस्थों से विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं। अब देखते हैं कि उनके दिशा-निर्देशों से स्वास्थ्य विभाग में कितना सुधार आता है और कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों का सिलसिला आखिर कब थमता है।